हाँ, आप अपना ब्लॉक हुआ IPO का पैसा बिना बैंक जाए खुद अनब्लॉक कर सकते हैं। SEBI के ASBA (Application Supported by Blocked Amount) नियमों के तहत, मैंडेट की अंतिम तिथि (End date) खत्म होने के 24 घंटे के भीतर बैंकों को आपका फंड रिलीज़ करना ही होता है। सबसे तेज़ समाधान यह है कि अपने UPI ऐप के ‘AutoPay’ सेक्शन में जाकर मैन्युअली मैंडेट को ‘Revoke’ कर दें। अगर बैंक टालमटोल करे, तो आप सीधे SEBI SCORES पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
इनबॉक्स की एक असली केस स्टडी: 5 दिन तक ब्लॉक रहे ₹14,900
मेरे पास पिछले हफ्ते ही पुणे के एक नए इन्वेस्टर सुमित का घबराया हुआ मैसेज आया। उसने बहुत रिसर्च करके एक बड़े IPO में ₹14,900 लगाए थे। जब अलॉटमेंट का दिन आया, तो पता चला कि शेयर नहीं मिले। सुमित के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं थी।
असली घबराहट तब शुरू हुई जब 5 दिन बीत जाने के बाद भी उसके बैंक खाते में वह पैसा ‘ब्लॉक’ दिखा रहा था।
उसने मुझे ईमेल में लिखा, “सर, पैसे कट तो नहीं जाएंगे? ब्रांच वाले कह रहे हैं कि सर्वर का इश्यू है।” मैंने सुमित को सिर्फ एक 2-मिनट का प्रोसेस बताया, और उसी शाम उसका पैसा वापस उसके मेन बैलेंस में दिखने लगा। सुमित का पैसा कहीं गायब नहीं हुआ था, बस NPCI और उसके बैंक के बीच एक तकनीकी तालमेल टूट गया था।
यहाँ आपको एक बुनियादी बात समझनी होगी। जब आप IPO अप्लाई करते हैं, तो पैसा कटकर कंपनी के पास नहीं जाता। वह आपके ही खाते में फ्रीज़ हो जाता है।
UPI ऐप से ‘Revoke’ करने का कड़वा सच (जो आपको गुमराह कर सकता है)
इंटरनेट पर कई यूट्यूबर्स और ब्लॉगर्स आपको यह गलत जानकारी देते मिल जाएंगे कि पैसे फंसने पर सीधे अपने GPay या PhonePe में जाएं, ‘Revoke Mandate’ दबाएं, पिन डालें और पैसा अनब्लॉक हो जाएगा।
मैं आपको यहाँ एक चेतावनी देना चाहता हूँ—अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऐसा करने की कोशिश मत करना, क्योंकि ऐप आपको सीधा ‘एरर’ (Error) दिखाएगा।
बैंकिंग और NPCI की तकनीकी सच्चाई यह है कि आप UPI ऐप से मैंडेट को सिर्फ तभी खुद ‘Revoke’ (मैन्युअली कैंसल) कर सकते हैं, जब IPO की बिडिंग (बिक्री) खुली हो और आप अचानक अपना मन बदलकर एप्लीकेशन वापस (Withdraw) ले रहे हों।

एक बार IPO की बिडिंग विंडो बंद हो गई, तो उस ब्लॉक पैसे का सारा कंट्रोल सीधा स्पॉन्सर बैंक, रजिस्ट्रार (RTA) और आपके अपने बैंक (SCSB) के पास चला जाता है। आप उसे ऐप से जबरदस्ती नहीं हटा सकते।
असली तरीका: जब ऐप मैंडेट को ‘Expired’ कर दे
नियमों के मुताबिक, मैंडेट की अंतिम तिथि (End Date) पार होते ही आपका UPI सिस्टम अपने-आप उस मैंडेट को ‘Expired’ (खत्म) घोषित कर देता है।

असली समस्या तब आती है जब ऐप में ‘Expired’ दिखने के बाद भी बैंक आपके खाते से ‘Lien’ (रोक) नहीं हटाता। ऐसी स्थिति में, ऐप के अंदर माथापच्ची करने का कोई फायदा नहीं है। आपको सीधा अपने बैंक के कस्टमर केयर को कॉल मिलाना है और उन्हें अपना 12 अंकों का UTR नंबर या Mandate ID (जो SMS में आई थी) बतानी है।
अगर बैंक वाले ईमेल मांगें, तो आप सीधे इस फॉर्मेट को भरकर भेज सकते हैं:
“Dear Grievance Officer,
My UPI mandate for [यहाँ IPO का नाम लिखें] is still marked as ‘blocked/lien’ in my account despite the non-allotment of shares. Please note that the mandate end date has already passed.
Below are my exact transaction details for your reference:
- UTR Number: [अपना 12 अंकों का UTR नंबर यहाँ लिखें]
- Mandate ID: [SMS या ईमेल में आई हुई Mandate ID डालें]
- Blocked Amount: Rs. [फंसे हुए पैसों की कुल रकम लिखें]
As per SEBI ASBA guidelines and the SEBI Circular dated March 16, 2021 (Paragraph 13), I am entitled to a compensation of Rs. 100/- per day for the delay in unblocking the funds. I request you to kindly remove the lien immediately to avoid escalation to the SEBI SCORES portal.
Regards,
[अपना पूरा नाम लिखें]
[अपना बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दें]”
Joy Ghosh का सीधा विश्लेषण: “IPO में ब्लॉक हुआ पैसा कोई रिफंड नहीं है जो कहीं से वापस आएगा। यह आपके खाते पर लगा एक लीगल ‘Lien’ (रोक) है। अगर अलॉटमेंट न मिलने पर रजिस्ट्रार के निर्देश के बाद भी बैंक इसे समय पर हटाने में लापरवाही करता है, तो यह सीधे तौर पर SEBI के नियमों का उल्लंघन है।”
ASBA अनब्लॉक टाइमलाइन (एक नज़र में)
| समस्या (Issue) | समय-सीमा (TAT) | समाधान (Actionable Step) |
| UPI ऐप में मैंडेट एक्टिव है | 24 – 48 घंटे | सीधे ऐप से Revoke (कैंसल) करें |
| मैंडेट Expired दिखा रहा है | 2 से 3 दिन | बैंक के कस्टमर केयर को UTR नंबर दें |
| बैंक से कोई जवाब/मदद न मिले | 5 दिन के बाद | SEBI SCORES पर ऑनलाइन शिकायत करें |
जब बैंक न सुने, तो यह ब्रह्मास्त्र चलाएं (₹100/दिन हर्जाना)
अगर आपका बैंक 2-3 दिन तक कोई सुनवाई नहीं कर रहा है, तो आपको चुप नहीं बैठना है। आपको शायद अंदाज़ा न हो, लेकिन SEBI ने निवेशकों के बचाव के लिए एक बहुत कड़ा नियम बनाया हुआ है।
SEBI के ताज़ा सर्कुलर के मुताबिक, अगर बैंक (SCSB) अलॉटमेंट प्रक्रिया खत्म होने के 4 वर्किंग दिनों के बाद भी आपके पैसे को बेवजह ब्लॉक रखता है, तो उसे आपको ₹100 प्रतिदिन के हिसाब से हर्जाना (Compensation) देना होगा।
आधिकारिक रिफरेन्स: ₹100 प्रतिदिन हर्जाने का यह कड़ा नियम SEBI के 16 मार्च, 2021 वाले मुख्य सर्कुलर (पेज 4, पैराग्राफ 13) में ही साफ तौर पर लागू कर दिया गया था। आप इसे सीधे SEBI की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर खुद वेरिफाई कर सकते हैं।
इसलिए, अगर बैंक आनाकानी करे, तो बैंक मैनेजर को सीधा इसी ‘सर्कुलर और पैराग्राफ 13’ का हवाला दें। फिर भी बात न बने, तो सीधे SEBI SCORES पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज़ कर दें। ₹100/दिन के जुर्माने के डर से बैंक और रजिस्ट्रार के अधिकारी खुद कॉल करके आपका पैसा अनब्लॉक करेंगे।
IPO का पैसा आखिर कितने दिन में वापस आ जाना चाहिए?
नियमों के मुताबिक, अलॉटमेंट की तारीख के ठीक अगले वर्किंग डे (24 से 48 घंटे के भीतर) पैसा ऑटोमैटिक अनब्लॉक हो जाना चाहिए।
GPay में मैंडेट ‘Pause’ करने से क्या मेरा पैसा वापस आ जाएगा?
बिल्कुल नहीं! इंटरनेट पर कई जगह यह गलत जानकारी दी जा रही है। तकनीकी रूप से, UPI ऐप्स में ‘Pause’ (रोकने) का विकल्प सिर्फ रिकरिंग पेमेंट (जैसे- Mutual Fund की SIP या Netflix के सब्सक्रिप्शन) के लिए होता है।
IPO के लिए जो पैसा ब्लॉक होता है, वह एक ‘One-Time Lien Block’ है। इसमें पॉज़ या रिज़्यूम का कोई फीचर ही नहीं होता। अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद उस ब्लॉक को हटाने (Unblock) का अधिकार सिर्फ आपके बैंक (SCSB) और संबंधित रजिस्ट्रार के पास होता है। इसलिए ऐप में इसके साथ छेड़छाड़ करके अपना समय बर्बाद न करें और सीधे बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करें।
क्या मैं उस ब्लॉक हुए पैसे से शेयर खरीद सकता हूँ?
जब तक पैसे पर ब्लॉक (Lien marked) लगा है, आप उस पैसे को न तो निकाल सकते हैं, न किसी को ट्रांसफर कर सकते हैं और न ही उससे कोई ट्रेडिंग कर सकते हैं।
चलते-चलते एक ज़रूरी बात
चलते-चलते एक ज़रूरी बात
शेयर बाज़ार का सफर काफी रोमांचक होता है, लेकिन ऐसी छोटी-मोटी तकनीकी दिक्कतें कई बार मूड खराब कर देती हैं। बस एक बात हमेशा अपने दिमाग में रखें—IPO में लगा आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है।
अगर पैसा फंसा है, तो मैंने जो तरीके बताए हैं, बस उन्हें ठंडे दिमाग से फॉलो कर लें। आपका पैसा शांति से आपके खाते के बैलेंस में वापस दिखने लगेगा।
वैसे, शेयर बाज़ार में सिर्फ IPO का पैसा ब्लॉक होना ही इकलौती समस्या नहीं है। कई बार ऐसा भी होता है कि आपने जो शेयर खरीदा है, वह अचानक लगातार गिरने लगता है और लोअर सर्किट लगने की वजह से आप चाहकर भी उसे बेच नहीं पाते। अगर आप ट्रेडिंग में नए हैं, तो आपको एडवांस में ही लोअर सर्किट वाले शेयर बेचने की AMO Order Strategy ज़रूर सीख लेनी चाहिए, ताकि भारी नुकसान से बचा जा सके।
अगर अब भी आपको IPO मैंडेट अनब्लॉक करने में कोई एरर आ रहा है, तो नीचे कमेंट बॉक्स खुला है, अपनी परेशानी बताएं, हम मिलकर उसे सुलझाएंगे!
डिस्क्लेमर: मैं कोई SEBI या IRDAI रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) नहीं हूँ। इस वेबसाइट पर शेयर की गई जानकारी सिर्फ एजुकेशनल और इंफॉर्मेशनल पर्पस (Educational and Informational Purpose) के लिए है। यह पूरी तरह से मेरी अपनी रिसर्च और ज़मीनी अनुभव पर आधारित है। किसी भी तरह का वित्तीय फैसला (जैसे इन्वेस्टमेंट, लोन, या पॉलिसी) लेने से पहले कृपया अपने सर्टिफाइड एडवाइजर से सलाह ज़रूर लें। आपके किसी भी नफे-नुकसान (Profit/Loss) के लिए यह वेबसाइट ज़िम्मेदार नहीं होगी।
जॉय घोष (फाउंडर, MoneySalah.in)
नमस्ते! मैं जॉय घोष हूँ। मैंने कॉमर्स (B.Com) की पढ़ाई की है और पिछले 5 सालों से ग्राउंड-लेवल पर बैंकिंग और पर्सनल फाइनेंस को बहुत करीब से देखा है।
मेरा मकसद बहुत सीधा है—आम आदमी को बैंक के छिपे हुए चार्जेज, लोन की उलझनों और शेयर बाजार के मुश्किल नियमों से बचाना। यहाँ मैं कोई भारी-भरकम किताबी बातें नहीं करता, बल्कि अपने असली अनुभव और सटीक डेटा के आधार पर एकदम आसान भाषा में आपकी मदद करता हूँ। मेरी रिसर्च और फाइनेंस से जुड़े बाकी अपडेट्स आप मेरे सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर भी देख सकते हैं।
