हाँ, बैंक आपका कटा हुआ पैसा और देरी का हर्जाना दोनों देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। RBI के मास्टर सर्कुलर के अनुसार (T+5), बैंक को हर हाल में 5 दिन के भीतर आपका पैसा लौटाना होगा, वरना 6ठे दिन से ₹100 प्रतिदिन की पेनाल्टी लगेगी। सबसे पहले अपने कार्ड वाले बैंक (Issuer Bank) के कस्टमर केयर (Level 1) पर कॉल करके शिकायत दर्ज़ करें। अगर समाधान न मिले, तभी अगले लेवल पर नोडल ऑफिसर को शिकायत भेजें।
मेरे इनबॉक्स की एक घटना: जब ब्रांच ने 30 दिन तक लटकाए रखा
पिछले महीने मेरे एक जान पहचान के भैया (जो पेशे से एक स्कूल टीचर हैं) को अचानक मेडिकल इमरजेंसी के लिए पैसों की ज़रूरत पड़ी। उन्होंने पास के एक SBI बैंक के ATM से ₹10,000 निकालने की कोशिश की। मशीन की स्क्रीन अचानक बंद हो गई, कैश बाहर नहीं आया, लेकिन उनके फोन पर पैसे कटने का मैसेज आ गया।

टीचर ने उसी दिन कस्टमर केयर (Level 1) पर अपनी शिकायत दर्ज़ करा दी थी। लेकिन बैंक ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया और मामले को टालते रहे। जब शिकायत दर्ज़ किए हुए पूरे 30 दिन बीत गए और उन्हें कोई समाधान नहीं मिला, तब उन्होंने मुझसे संपर्क किया।
मैंने उन्हें समझाया कि 30 दिन बीत जाने के बाद अब हमारे पास सीधा नोडल ऑफिसर (Level 2) और RBI लोकपाल के पास जाने का कानूनी अधिकार आ गया है। मैंने उनके लिए RBI के सर्कुलर का हवाला देते हुए एक फॉर्मल ग्रीवांस ईमेल (Formal Grievance Email) तैयार किया।
नतीजा? बैंक के जिस सिस्टम ने 30 दिन तक कोई जवाब नहीं दिया था, उसी बैंक के बैकएंड से मात्र 4 दिन के भीतर उनका 10 हज़ार रुपया वापस खाते में आ गया और साथ में देरी की पेनाल्टी भी मिली।
“अगर आपने किसी गलत व्यक्ति को पैसे भेजे और उसने फ्रॉड की शिकायत कर दी, तो आपका खाता फ्रीज़ हो सकता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए NCRP नोटिस और बैंक अकाउंट अनफ्रीज करवाने का सही कानूनी तरीका विस्तार से यहाँ पढ़ें।”
ATM से पैसे कटने पर RBI का T+5 नियम क्या है और यह आपके कैसे काम आएगा?
जब भी आप ऐसी स्थिति में फंसें, तो बैंक कर्मचारियों से बहस करने के बजाय सीधे इस नियम का इस्तेमाल करें। रिज़र्व बैंक ने फेल हुए ट्रांज़ैक्शन के लिए एक समय-सीमा तय कर रखी है जिसे T+5 Days कहा जाता है।
ध्यान रखें, इसमें वर्किंग डेज़ (Working Days) का कोई चक्कर नहीं है। शनिवार, रविवार या किसी भी सरकारी छुट्टी को भी इस 5 दिन की गिनती में शामिल किया जाता है।
“बैंक का ऑटोमेटिक सिस्टम कभी भी सामने से आकर आपको पेनाल्टी नहीं देगा। यह ‘अनक्लेम्ड’ हर्जाना बैंक के पास ही पड़ा रह जाता है। आपको अपने हक़ के लिए नियमों का हवाला देकर लिखित में क्लेम करना ही पड़ता है।” – Joy Ghosh
नीचे दिए गए टेबल में देखिए कि नियम क्या है और देरी होने पर बैंक पर कितना जुर्माना लगता है:
| घटना (Event) | रिज़ॉल्यूशन टाइम (Timeline) | पेनाल्टी / नियम (Rule) |
| ATM से पैसे कटना | T (Transaction Day) | ₹0 |
| बैंक की रिफंड डेडलाइन | T + 5 Days | Auto-Reversal (₹0) |
| 5 दिन से ज़्यादा की देरी | 6ठे दिन से चालू | ₹100 / Day |
| बैंक पेनाल्टी देने से मना करे | 30 दिन की सीमा | RBI CMS Complaint |
पेनाल्टी और पैसा क्लेम करने की आधिकारिक प्रक्रिया (Official Process)
सबसे पहले आपको Level 1 यानी अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल या ईमेल करके अपनी शिकायत (Complaint) दर्ज़ करवानी है।
यहाँ एक बहुत बड़ा नियम यह है कि अगर आपने किसी दूसरे बैंक के ATM (Third-Party ATM या White Label ATM) से पैसा निकाला था, तो भी शिकायत हमेशा उसी बैंक में करनी है जिसका डेबिट कार्ड आपके पास है (Issuer Bank)। उस बैंक के पास मत जाइये जिसका ATM था।
Level 1 पर शिकायत दर्ज़ कराने के बाद आपको अनिवार्य रूप से 30 कैलेंडर दिन (30 Calendar Days) का इंतज़ार करना होगा। अगर इन 30 दिनों में बैंक कोई जवाब नहीं देता है, या उनके जवाब से आप संतुष्ट नहीं हैं, तभी आपको Level 2 यानी नोडल ऑफिसर (Grievance Redressal Officer) के पास अपनी बात रखनी है।
नोडल ऑफिसर को भेजने वाला फॉर्मल शिकायत पत्र :
इस ईमेल में ब्रैकेट के अंदर दी गई जानकारी को अपनी डिटेल्स से बदल लें और इसे सीधे नोडल ऑफिसर को भेज दें:
Subject: Formal Grievance – Claim for Rs 100/day penalty for delayed reversal of failed ATM transaction (A/c No: [अपना बैंक अकाउंट नंबर लिखें])
Dear Grievance Redressal Officer,
I am writing to officially escalate a pending grievance regarding a delayed ATM transaction reversal. I attempted a cash withdrawal of Rs. [कितने पैसे निकालने की कोशिश की, वो लिखें] at [किस बैंक का ATM था, उसका नाम] ATM located at [ATM का पूरा पता लिखें] on [किस तारीख को पैसे कटे]. The cash was not dispensed, but the amount was deducted from my account (Txn ID: [मैसेज में आया हुआ ट्रांज़ैक्शन नंबर]).
My initial complaint (Reference No: [कस्टमर केयर का शिकायत नंबर]) was filed on [Level 1 शिकायत की तारीख], and the mandatory 30-day resolution period has now expired without any satisfactory response from the bank.
As per RBI notification on ‘Harmonisation of Turn Around Time (TAT) and customer compensation for failed transactions using authorised Payment Systems’, the bank is strictly mandated to reverse the failed transaction within T+5 Days.
Since the principal amount was reversed on [पैसा वापस आने की तारीख, या अगर नहीं आया तो ‘Not Reversed’ लिखें], the delay calculated from the 6th day onwards is [T+5 दिन छोड़कर, 6ठे दिन से अब तक जितने दिन हुए, वह लिखें] days. Therefore, I am entitled to a penalty of Rs 100 per day.
Kindly initiate the backend chargeback process and credit the total penalty amount to my account immediately. Please note that since the 30 calendar day regulatory window has already passed, I am fully eligible to escalate this matter to the RBI Ombudsman (CMS Portal) if this is not resolved.
Regards,
[अपना पूरा नाम लिखें] [अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लिखें]
इस ईमेल को देखते ही बैंक का मैनेजर समझ जाएगा कि ग्राहक को RBI के सारे नियम पता हैं। वह बिना किसी बहस के पेनाल्टी का पैसा आपके खाते में क्रेडिट करवा देगा।
“मशीन की खराबी से पैसा कटने के अलावा, अगर मोबाइल से डिजिटल पेमेंट करते समय जल्दबाज़ी में गलत अकाउंट में UPI से पैसे चले जाएं, तो रुपये वापस पाने का NPCI का लीगल तरीका आपको बड़े नुकसान से बचा सकता है।”
RBI का ऑफिशियल सोर्स:
- सर्कुलर का नाम: Harmonisation of Turnaround Time (TAT) and customer compensation for failed transactions
- RBI का ऑफिशियल लिंक: इस पूरे नियम को आप सीधे RBI के इस ऑफिशियल सर्कुलर पर जाकर पढ़ सकते हैं।
अगर ATM से स्लिप (Receipt) नहीं निकली, तो शिकायत कैसे दर्ज़ होगी?
स्लिप का मशीन से निकलना कोई कानूनी अनिवार्यता नहीं है। आपके मोबाइल पर आया SMS और आपके बैंक स्टेटमेंट में दर्ज़ ट्रांज़ैक्शन आईडी (Txn ID) ही आपका सबसे पक्का सबूत है।
क्या बैंक छुट्टियां निकालकर पेनाल्टी का पैसा देता है?
बिल्कुल नहीं। यह नियम T+5 डेज़ पर काम करता है। अगर शुक्रवार को पैसे कटे, तो शनिवार और रविवार को भी 5 दिनों की गिनती में गिना जाएगा। अगर बुधवार (6ठे दिन) तक पैसा नहीं आया, तो गुरुवार से ₹100 प्रतिदिन का मीटर चालू हो जाएगा।
अगर 30 दिन बाद भी बैंक पेनाल्टी न दे, तो अगला कदम क्या होना चाहिए?
यदि आपके लिखित कंप्लेंट को 30 दिन हो चुके हैं और बैंक ने समाधान नहीं किया है, तो आपको रिज़र्व बैंक के CMS पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर जाकर सीधे बैंकिंग लोकपाल को शिकायत करनी है। वहां अपना ईमेल वाला स्क्रीनशॉट अपलोड कर दें। रिज़र्व बैंक सीधे बैंक से आपका पैसा वसूल करवाएगा।
आपका पैसा, आपका हक़: एक ज़रूरी सलाह
पैसा आपका है, और तकनीकी खराबी बैंक की मशीन में हुई है। इसकी सज़ा आप क्यों भुगतें? ज़्यादातर आम लोग जानकारी की कमी के कारण अपने हक़ का पैसा छोड़ देते हैं। अगली बार जब भी ऐसा हो, तो घबराएं नहीं। अपने फोन में ट्रांज़ैक्शन का टाइम नोट करें, कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज़ करवाएं और ऊपर दिए गए ड्राफ्ट का इस्तेमाल करके अपने कानूनी अधिकार का फायदा उठाएं।
डिस्क्लेमर: MoneySalah.in पर दी गई यह जानकारी हमारी रिसर्च, ज़मीनी अनुभव और आधिकारिक पोर्टल्स के आधार पर है। हमारा उद्देश्य आप तक सटीक जानकारी पहुँचाना है। चूँकि सरकारी नियमों और बैंकिंग नीतियों में अक्सर बदलाव होते रहते हैं, इसलिए हम पाठकों से अनुरोध करते हैं कि कोई भी फॉर्म भरने या कदम उठाने से पहले संबंधित बैंक या रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट ज़रूर चेक कर लें।
जॉय घोष (फाउंडर, MoneySalah.in)
नमस्ते! मैं जॉय घोष हूँ। मैंने कॉमर्स (B.Com) की पढ़ाई की है और पिछले 5 सालों से ग्राउंड-लेवल पर बैंकिंग और पर्सनल फाइनेंस को बहुत करीब से देखा है।
मेरा मकसद बहुत सीधा है—आम आदमी को बैंक के छिपे हुए चार्जेज, लोन की उलझनों और शेयर बाजार के मुश्किल नियमों से बचाना। यहाँ मैं कोई भारी-भरकम किताबी बातें नहीं करता, बल्कि अपने असली अनुभव और सटीक डेटा के आधार पर एकदम आसान भाषा में आपकी मदद करता हूँ। मेरी रिसर्च और फाइनेंस से जुड़े बाकी अपडेट्स आप मेरे सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर भी देख सकते हैं।

1 thought on “ATM Se Paise Kat Gaye Lekin Nikla Nahi to Kya Kare? बैंक से रोज़ 100₹ ऐसे वसूलें”